पीएम सूर्य घर योजना: अब पाएं 78,000 रुपये की सोलर सब्सिडी

August 21, 2026

अवलोकन (Overview)

PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए pmsuryaghar.gov.in पर आवेदन करें। सब्सिडी कैलकुलेटर का उपयोग करें, अपनी पात्रता जांचें और रूफटॉप सोलर के लिए 78,000 रुपये तक की सब्सिडी प्राप्त करें।

Rooftop solar panels installed under PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana subsidy scheme
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लाखों भारतीय परिवारों के लिए, बिजली का मासिक बिल अब एक बड़ा और अनिवार्य खर्च बन गया है। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) शुरू की गई थी। लॉन्च के दो साल बाद, यह ऊर्जा क्षेत्र की सबसे चर्चित सरकारी योजनाओं में से एक बन चुकी है। इस योजना के तहत, घर पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के लिए पात्र homeowners को 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है, जिससे बिजली बिल को लगभग जीरो (Zero) किया जा सकता है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा संचालित यह योजना फरवरी 2024 में लॉन्च की गई थी, जिसका लक्ष्य देश भर के एक करोड़ घरों को कवर करना है। यह दुनिया के सबसे बड़े आवासीय सोलर सब्सिडी कार्यक्रमों में से एक बन चुका है। आप इसके लिए आधिकारिक पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?

इस योजना के तहत आप अपने घर की छत पर ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। स्थानीय बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) द्वारा सिस्टम के कमिशन होने के बाद, सरकार सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में सब्सिडी की राशि ट्रांसफर करती है। एक 3kW का सोलर सिस्टम महीने में लगभग 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है, जो कई शहरी परिवारों की औसत जरूरत को पूरा करने के लिए काफी है, हालांकि वास्तविक बिजली उत्पादन धूप और स्थान पर निर्भर करता है।

कितनी सब्सिडी मिल सकती है?

सब्सिडी की गणना प्रति-किलोवाट (per-kW) के आधार पर की जाती है। आधिकारिक पोर्टल पर मौजूद 'सोलर सब्सिडी कैलकुलेटर' की मदद से आप अपने बजट की योजना आसानी से बना सकते हैं।

  • पहले 2kW की क्षमता तक: 30,000 रुपये प्रति किलोवाट, जो सिस्टम की कुल लागत का 60% तक कवर करता है।
  • तीसरे किलोवाट के लिए: अतिरिक्त 18,000 रुपये।
  • 3kW या उससे बड़े आवासीय सिस्टम के लिए अधिकतम सब्सिडी: 78,000 रुपये।

पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों जैसे विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए सब्सिडी की राशि 1,17,000 रुपये तक हो सकती है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे कुछ राज्य केंद्रीय सब्सिडी के साथ अतिरिक्त टॉप-अप सब्सिडी भी देते हैं।

महत्वपूर्ण जानकारी (Quick Fact Box)
  • योजना की शुरुआत: फरवरी 2024, MNRE के अंतर्गत
  • अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी: 78,000 रुपये (3kW सिस्टम के लिए)
  • मुफ्त बिजली की क्षमता: प्रति माह 300 यूनिट तक
  • सब्सिडी का भुगतान: DISCOM द्वारा निरीक्षण के 30-45 दिन बाद, सीधे बैंक खाते में
  • आवेदन पोर्टल: pmsuryaghar.gov.in

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना के लिए पात्रता काफी सरल है, लेकिन आवेदन करने से पहले आपको निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:

  • आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और उसके पास सोलर पैनल लगवाने के लिए उपयुक्त छत वाली संपत्ति होनी चाहिए।
  • संपत्ति पर वैध बिजली कनेक्शन और रजिस्टर्ड उपभोक्ता संख्या (consumer number) होनी चाहिए।
  • बिजली बिल और आवेदन के लिए इस्तेमाल किया गया आधार एक ही व्यक्ति के नाम पर होना चाहिए।
  • छत पर पहले से कोई अन्य सरकारी सब्सिडी वाला सोलर सिस्टम नहीं लगा होना चाहिए।

जरूरी दस्तावेज

पंजीकरण शुरू करने से पहले इन दस्तावेजों को तैयार रखें:

  • आधार कार्ड
  • उपभोक्ता संख्या वाला नवीनतम बिजली बिल
  • बैंक खाता विवरण (कैंसिल चेक या पासबुक की कॉपी)
  • संपत्ति का मालिकाना हक या निवास प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन करने की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। pmsuryaghar.gov.in पर जाएं और 'Apply for Rooftop Solar' पर क्लिक करें।

2. अपना पंजीकरण कराएं। अपने राज्य, DISCOM का नाम, बिजली उपभोक्ता संख्या और आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP के जरिए वेरिफाई करें।

3. लॉगिन करें और फॉर्म भरें। पंजीकरण के बाद, उपभोक्ता संख्या और मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉगिन करें। सोलर सिस्टम की क्षमता चुनें और आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

4. व्यवहार्यता (Feasibility) स्वीकृति प्राप्त करें। DISCOM आपके आवेदन की समीक्षा करेगा और रूफटॉप इंस्टॉलेशन के लिए मंजूरी देगा।

5. वेंडर चुनें और इंस्टॉलेशन कराएं। पोर्टल की सूची से एक अधिकृत वेंडर को चुनें और MNRE-अनुमोदित उपकरणों का उपयोग करके सोलर सिस्टम लगवाएं।

6. नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करें। इंस्टॉलेशन के बाद, पोर्टल के माध्यम से नेट मीटरिंग के लिए आवेदन जमा करें।

7. कमिशनिंग सर्टिफिकेट। DISCOM द्वारा निरीक्षण के बाद, पोर्टल पर कमिशनिंग सर्टिफिकेट जेनरेट किया जाएगा।

8. बैंक विवरण दें और सब्सिडी का दावा करें। पोर्टल पर अपना बैंक विवरण अपलोड करें; कमिशनिंग के 30 से 45 दिनों के भीतर सब्सिडी सीधे खाते में आ जाएगी।

सब्सिडी कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें

पोर्टल पर दिया गया कैलकुलेटर आपको मासिक बिजली खपत और छत के आकार के अनुसार सही सोलर सिस्टम साइज और सब्सिडी का अनुमान लगाने में मदद करता है। 250–300 यूनिट मासिक खपत वाले शहरी घरों के लिए, 3kW का सिस्टम सबसे अच्छा होता है।

घर मालिकों के लिए ऋण सुविधा

जो लोग सब्सिडी के बाद भी पूरा खर्च नहीं उठा सकते, उनके लिए यह योजना सार्वजनिक और निजी बैंकों के जरिए कोलेटरल-फ्री (बिना गिरवी) लोन की सुविधा भी देती है। रियायती ब्याज दरें और सब्सिडी मिलकर सोलर लगवाने का आर्थिक बोझ काफी कम कर देते हैं।

यह घर मालिकों के लिए क्यों जरूरी है?

यदि आपका मासिक बिल 2,000–2,500 रुपये है, तो सही क्षमता वाला रूफटॉप सोलर सिस्टम इसे लगभग जीरो कर सकता है। साथ ही, यह देश के स्वच्छ ऊर्जा मिशन में भी अपना योगदान देता है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बिजली के खर्च को कम करने का एक बेहतरीन तरीका है। 78,000 रुपये तक की सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और आसान लोन के साथ यह योजना हर घर के लिए सोलर एनर्जी को एक हकीकत बनाती है। किसी भी फैसले को लेने से पहले pmsuryaghar.gov.in पर जाकर कैलकुलेटर का उपयोग जरूर करें।

अधिक जानकारी के लिए -

https://www.sarkaridarapan.com/sarkari-yojana/pm-surya-ghar-muft-bijli-yojana-rooftop-solar-2026

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लेखक (Written By)
लक्ष्य भारद्वाज

लक्ष्य भारद्वाज

कंटेंट हेड एवं मुख्य लेखक

भारतीय सरकारी योजनाओं, बाजार भाव और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वरिष्ठ वित्तीय एवं समाचार लेखक।

lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in
शोध एवं तथ्य सत्यापन (Verified By)
हर्षित शर्मा

हर्षित शर्मा

सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (तथ्य परीक्षक)

सरकारी और वित्तीय डेटा स्रोतों से 100% प्रामाणिकता और तथ्यों की पुष्टि करने वाले समर्पित शोधकर्ता व विश्लेषक।

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