AI पर खर्च के बीच ओरेकल इंडिया पर छंटनी का नया खतरा मंडराया

August 14, 2026

अवलोकन (Overview)

ओरेकल कंपनी अपने अगले वित्तीय तिमाही से पहले भारत में एक और छंटनी दौर की तैयारी कर रही है, ऐसी खबरें सामने आई हैं। यह घटनाक्रम कंपनी द्वारा वैश्विक स्तर पर लगभग 21,000 नौकरियां कम करने के कुछ महीनों बाद सामने आया है। यह छंटनी उस समय हो रही है जब कंपनी एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है, जिससे भारतीय आईटी पेशेवरों में नौकरी की सुरक्षा, भर्ती और मुआवजे को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Oracle India office building with employee workstations, representing Oracle layoffs 2026
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भारत में ओरेकल (Oracle) कर्मचारी एक बार फिर अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। नई रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी 1 सितंबर से शुरू होने वाली दूसरी वित्तीय तिमाही से पहले छंटनी (Layoffs) की एक और तैयारी कर रही है। यह घटनाक्रम वैश्विक स्तर पर करीब 21,000 कर्मचारियों की छंटनी के कुछ ही महीनों बाद सामने आया है, जिससे भारत एक बार फिर सुर्खियों में है, जो पिछली छंटनी से सबसे अधिक प्रभावित रहा था।

रिपोर्ट्स में क्या कहा गया है?

11 अगस्त को प्रकाशित एक बिजनेस इनसाइडर रिपोर्ट के अनुसार, ओरेकल के प्रबंधकों को उन कर्मचारियों की पहचान करने के लिए कहा गया है जिन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है, जिसमें कुछ टीमों में दोहरे अंकों (double-digit) में कटौती की संभावना है। ओरेकल ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस छंटनी के पैमाने या समय की पुष्टि नहीं की है और न ही कंपनी ने इन रिपोर्ट्स पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी की है। इसलिए, इसे फिलहाल एक उभरती हुई स्थिति माना जाना चाहिए, न कि कंपनी का कोई अंतिम फैसला।

यह उस वित्तीय वर्ष के बाद हो रहा है जिसमें ओरेकल की कुल कर्मचारी संख्या लगभग 162,000 से घटकर 141,000 रह गई थी—यानी वैश्विक कार्यबल में लगभग 13% या 21,000 पदों की कटौती। हालांकि ओरेकल ने इन कटौतियों का देश-वार विवरण जारी नहीं किया है, लेकिन बाहरी अनुमान बताते हैं कि भारत में 12,000 से अधिक नौकरियों का नुकसान हुआ हो सकता है। ओरेकल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर (OCI), ओरेकल हेल्थ और फ्यूजन क्लाउड पेशेवर सेवाओं के विभाग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

AI निवेश के रिकॉर्ड के बीच छंटनी का चक्र

ओरेकल की स्थिति इसलिए असामान्य है क्योंकि छंटनी तब हो रही है जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026 में ओरेकल के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का राजस्व तेजी से बढ़ा है, और कंपनी ने डेटा सेंटर और AI निर्माण के लिए अपनी पूंजीगत व्यय (capex) गाइडेंस को लगभग 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ा दिया है। ओरेकल स्टारगेट AI वेंचर का भी हिस्सा है और OpenAI के साथ एक बड़े लॉन्ग-टर्म क्लाउड कंप्यूटिंग समझौते से जुड़ा हुआ है।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ विभागों में छंटनी करना और साथ ही AI में भारी निवेश करना, तकनीकी क्षेत्र में चल रहे व्यापक बदलाव को दर्शाता है। कंपनियां पारंपरिक सपोर्ट और सर्विस फंक्शन से बजट हटाकर AI-संचालित इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमेशन की ओर शिफ्ट कर रही हैं।

भारतीय IT पेशेवरों पर प्रभाव

ओरेकल के भारतीय कार्यबल के लिए, यह नई अनिश्चितता उन चिंताओं को बढ़ा रही है जो साल की शुरुआत में शुरू हुई थीं। पिछली बार प्रभावित कर्मचारियों को उनकी सेवा के वर्षों के आधार पर सेवरेंस (severance) और नोटिस-पीरियड भुगतान की पेशकश की गई थी। भारतीय कर्मचारियों के लिए कानूनी सुरक्षा आमतौर पर उनकी रोजगार श्रेणी और राज्य के श्रम कानूनों के प्रावधानों पर निर्भर करती है।

व्यक्तिगत स्तर से परे, छंटनी का यह नया दौर भारत के व्यापक तकनीकी रोजगार बाजार पर असर डाल सकता है, विशेष रूप से क्लाउड कंप्यूटिंग, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और IT सेवाओं के क्षेत्रों में, जहां 2026 के दौरान पहले से ही हायरिंग सुस्त रही है।

आगे क्या होगा?

बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट बताती है कि किसी भी नई कटौती को ओरेकल की अगली तिमाही शुरू होने से पहले अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में प्रभावित कर्मचारियों को स्पष्टता मिल सकती है। आधिकारिक बयान आने तक, जोखिम वाले पदों की सटीक संख्या और विभाग अभी तक अनिश्चित हैं।

इस अनिश्चितता के दौर में, जो कर्मचारी अपने वित्तीय नियोजन को लेकर चिंतित हैं, वे आयकर कैलकुलेटर (income tax calculator) जैसे टूल का उपयोग करके अपने टैक्स और बचत की स्थिति की जांच कर सकते हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि सेवरेंस या नोटिस-पीरियड भुगतान मिलने पर उनके टेक-होम वेतन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

निष्कर्ष

ओरेकल की छंटनी की योजनाएं भारत के टेक कार्यबल के लिए 2026 की जटिल वास्तविकता को उजागर करती हैं। एक तरफ कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर निवेश कर रही है, तो दूसरी तरफ अपने अन्य विभागों में छंटनी कर रही है। ओरेकल द्वारा आधिकारिक पुष्टि न होने तक, कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी के अधिकृत कम्युनिकेशन पर भरोसा रखें और वर्तमान आंकड़ों को केवल अनुमान ही मानें।

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लेखक (Written By)
लक्ष्य भारद्वाज

लक्ष्य भारद्वाज

कंटेंट हेड एवं मुख्य लेखक

भारतीय सरकारी योजनाओं, बाजार भाव और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वरिष्ठ वित्तीय एवं समाचार लेखक।

lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in
शोध एवं तथ्य सत्यापन (Verified By)
हर्षित शर्मा

हर्षित शर्मा

सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (तथ्य परीक्षक)

सरकारी और वित्तीय डेटा स्रोतों से 100% प्रामाणिकता और तथ्यों की पुष्टि करने वाले समर्पित शोधकर्ता व विश्लेषक।

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