मनरेगा में अब 125 दिन काम, 25 दिन ज्यादा कमाई का मौका

March 16, 2026

अवलोकन (Overview)

मनरेगा में अब 100 की जगह 125 दिन काम मिलेगा। ग्रामीण मजदूरों को 25 दिन अतिरिक्त रोजगार और ज्यादा आय का मौका मिलेगा, खासतौर पर सूखा प्रभावित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को।

MGNREGA work days increased to 125 for rural workers in India
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मनरेगा में 125 दिन काम का मौका, मजदूरों को बड़ा फायदा

अवलोकन

मनरेगा में अब 100 की जगह 125 दिन काम मिलेगा। ग्रामीण मजदूरों को 25 दिन अतिरिक्त रोजगार और ज्यादा आय का मौका मिलेगा।

परिचय

मनरेगा में कार्य दिवस 125 तक बढ़ाया जाना भारत के ग्रामीण मजदूरों के लिए एक बड़ा बदलाव है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) लंबे समय से लाखों परिवारों के लिए सहारा रहा है। अब कुछ क्षेत्रों या विशेष परिस्थितियों में गारंटीकृत कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया गया है, जिससे आय में स्थिरता और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।

यह बदलाव खासतौर पर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं, क्योंकि इससे उनकी वार्षिक आय और आर्थिक सुरक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

MGNREGA क्या है?

MGNREGA एक सरकारी योजना है जिसे 2005 में ग्रामीण परिवारों को गारंटीकृत रोजगार देने के लिए शुरू किया गया था।

मुख्य विशेषताएं

  • प्रति वर्ष 100 दिनों का गारंटीकृत काम (कुछ मामलों में अब 125 दिन)
  • अकुशल श्रम पर आधारित कार्य
  • आवेदन के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध
  • सीधे बैंक खाते में भुगतान

कार्य दिवस 125 क्यों किए गए?

सरकार ने कार्य दिवस बढ़ाने का निर्णय निम्न कारणों से लिया:

1. ग्रामीण बेरोजगारी

कई ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी बेरोजगारी होती है। अधिक कार्य दिवस इस अंतर को कम करते हैं।

2. आर्थिक चुनौतियाँ

महंगाई और बढ़ती जीवन लागत के कारण 100 दिन का काम कई परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं था।

3. प्राकृतिक आपदाएं और सूखा

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त कार्य दिवस परिवारों को राहत प्रदान करते हैं।

125 दिन के काम का लाभ किन्हें मिलेगा?

हर जगह तुरंत 125 दिन लागू नहीं होगा। यह सुविधा आमतौर पर इन समूहों के लिए होती है:

पात्र समूह

  • सूखा प्रभावित क्षेत्रों के परिवार
  • आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवार
  • अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST)
  • भूमिहीन मजदूर

कार्य दिवस बढ़ने के लाभ

1. अधिक वार्षिक आय

अधिक काम के दिन = अधिक कमाई

2. आर्थिक स्थिरता

परिवार बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं:

  • भोजन खर्च
  • शिक्षा खर्च
  • स्वास्थ्य खर्च

3. पलायन में कमी

मजदूरों को काम के लिए शहरों में जाने की जरूरत कम होगी।

4. महिलाओं का सशक्तिकरण

MGNREGA में महिलाओं की भागीदारी अधिक है, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ती है।

स्टेप-बाय-स्टेप: MGNREGA में काम कैसे प्राप्त करें

स्टेप 1: पंजीकरण

  • ग्राम पंचायत जाएं
  • जॉब कार्ड के लिए आवेदन करें

स्टेप 2: जॉब कार्ड जारी होना

  • 15 दिनों के भीतर जारी
  • इसमें मजदूर की जानकारी होती है

स्टेप 3: काम के लिए आवेदन

  • लिखित या मौखिक आवेदन करें

स्टेप 4: काम आवंटन

  • 15 दिनों के भीतर काम दिया जाता है

स्टेप 5: मजदूरी भुगतान

  • सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर

MGNREGA मजदूरी दर

मजदूरी राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन आमतौर पर ₹200 से ₹350 प्रति दिन होती है।

उदाहरण

यदि किसी मजदूर को मिलता है:

  • ₹250 प्रति दिन
  • 125 दिन का काम

कुल आय = ₹31,250 प्रति वर्ष

कार्यान्वयन में चुनौतियाँ

फायदों के बावजूद कुछ समस्याएँ बनी हुई हैं:

1. भुगतान में देरी

कई बार मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं होता।

2. जागरूकता की कमी

कई पात्र लोग बढ़े हुए कार्य दिवसों के बारे में नहीं जानते।

3. काम की उपलब्धता

हर क्षेत्र में अभी 125 दिन का काम उपलब्ध नहीं है।

MGNREGA के नवीनतम अपडेट

  • डिजिटल उपस्थिति प्रणाली पर जोर
  • डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को मजबूत किया गया
  • ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पारदर्शिता बढ़ाई गई

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

सकारात्मक प्रभाव

  • लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी
  • स्थानीय बाजारों को बढ़ावा मिलेगा
  • गरीबी में कमी आएगी

अधिक लाभ पाने के टिप्स

  • अपने जॉब कार्ड की जानकारी अपडेट रखें
  • नियमित रूप से काम के लिए आवेदन करें
  • ऑनलाइन भुगतान की स्थिति चेक करें
  • स्थानीय घोषणाओं पर ध्यान दें
Fact-Checked & Verified
लेखक
हर्षित शर्मा

हर्षित शर्मा

सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (SRA)

सटीक और तथ्य-जांच वाले राष्ट्रीय और वैश्विक अपडेट प्रदान करने वाले समाचार शोधकर्ता।

harshitsharma.sra@labhgrow.in
सत्यापित
लक्ष्य भारद्वाज

लक्ष्य भारद्वाज

कंटेंट हेड (HOC)

भारतीय सरकारी योजनाओं और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वित्तीय विश्लेषक।

lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न