आरोग्य सेतु 2.0 बना भारत का डिजिटल हेल्थ वॉलेट, अब एक ही ऐप में मिलेंगी स्वास्थ्य रिकॉर्ड और आयुष्मान सेवाएँ

June 29, 2026

अवलोकन (Overview)

आरोग्य सेतु, जिसे कभी भारत के कोविड-19 संपर्क अनुरेखण (Contact Tracing) ऐप के रूप में जाना जाता था, अब एक नए और व्यापक रूप में सामने आया है। 29 जून 2026 को भारत सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर आरोग्य सेतु 2.0 के रूप में पुनः लॉन्च किया। अब यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत नागरिकों के लिए पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड (PHR) प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करेगा। नए स्वरूप में तैयार किया गया यह ऐप स्वास्थ्य रिकॉर्ड, आयुष्मान भारत से जुड़ी सेवाओं, अस्पताल खोज (Hospital Discovery) और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं तक एक ही स्थान से पहुँच...

Official Aarogya Setu 2.0 app interface displaying a digital health dashboard with Personal Health Records, Ayushman Bharat services, and hospital discovery features.
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आरोग्य सेतु 2.0: कोविड ट्रैकर से पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड प्लेटफ़ॉर्म तक

साल 2020 में जब आरोग्य सेतु ऐप लॉन्च किया गया था, तब इसका मुख्य उद्देश्य कोविड-19 संक्रमण की पहचान, संपर्क अनुरेखण (Contact Tracing) और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान करना था। अब जबकि महामारी का दौर समाप्त हो चुका है, इस ऐप को एक नई भूमिका देते हुए इसे दीर्घकालिक डिजिटल स्वास्थ्य सेवा मंच के रूप में विकसित किया गया है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने इस ऐप को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के साथ एकीकृत किया है। इसके माध्यम से नागरिक अब अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से डिजिटल रूप में प्रबंधित कर सकते हैं और एक ही प्लेटफ़ॉर्म से कई सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

आरोग्य सेतु 2.0 से उपयोगकर्ता क्या-क्या कर सकते हैं?

अपग्रेड किए गए आरोग्य सेतु 2.0 में कई नई सुविधाएँ जोड़ी गई हैं, जिनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान और डिजिटल पहुँच उपलब्ध कराना है।

मुख्य सुविधाएँ इस प्रकार हैं:

  • पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड (PHR) का सुरक्षित डिजिटल संग्रहण
  • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से जुड़ी सेवाओं तक पहुँच
  • ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाना और उसका प्रबंधन
  • नज़दीकी अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं की खोज
  • Scan & Share के माध्यम से डिजिटल पंजीकरण
  • यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI) के तहत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच
  • नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX) के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य दावों (Health Claims) के लिए सहायता

आम नागरिकों के लिए यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?

इस नए संस्करण का सबसे बड़ा लाभ सुविधा और सरलता है।

अब लोगों को हर समय कागज़ी पर्चियाँ, जाँच रिपोर्ट या अस्पताल से मिली डिस्चार्ज समरी साथ रखने की आवश्यकता कम होगी। उपयोगकर्ता अपनी स्वास्थ्य संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं। उनकी सहमति (Consent) और संबंधित स्वास्थ्य संस्थान के सहयोग से आवश्यकता पड़ने पर इन रिकॉर्ड्स को ऑनलाइन देखा या साझा भी किया जा सकता है।

इसके अलावा, आयुष्मान भारत PM-JAY के लाभार्थियों के लिए भी योजना से जुड़ी कई सेवाओं तक एक ही ऐप के माध्यम से पहुँचना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।

भारत के डिजिटल हेल्थ मिशन को मिलेगा नया बल

आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत देशभर में एक मजबूत डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित करने की सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है।

इस मिशन का उद्देश्य अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, बीमा कंपनियों और मरीजों के बीच स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं का सुरक्षित और मानकीकृत आदान-प्रदान सुनिश्चित करना है। साथ ही, नागरिकों को उनकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी साझा करने पर पूरा नियंत्रण देने के लिए सहमति-आधारित (Consent-Based) व्यवस्था अपनाई गई है।

टियर-2 और टियर-3 शहरों के लोगों को क्या लाभ मिलेगा?

नया आरोग्य सेतु 2.0 विशेष रूप से छोटे शहरों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

संभावित लाभों में शामिल हैं:

  • पूरे परिवार के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एक ही स्थान पर व्यवस्थित रखना
  • कागज़ी मेडिकल फाइलों पर निर्भरता कम होना
  • सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं तक तेज़ और आसान पहुँच
  • एक ही ऐप से अस्पतालों की खोज करना
  • अलग-अलग डॉक्टरों या अस्पतालों से इलाज कराने पर भी मेडिकल हिस्ट्री को लगातार सुरक्षित रखना

जैसे-जैसे भारत में डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार होगा, वैसे-वैसे ऐसे केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म छोटे शहरों और कस्बों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भी होगी महत्वपूर्ण भूमिका

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने यह भी घोषणा की है कि स्वास्थ्य दस्तावेज़ों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने के लिए Google Gemma 4 मॉडल और एक ओपन Medical Data Toolkit का उपयोग किया जाएगा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन तकनीकों का उद्देश्य मौजूदा मेडिकल रिकॉर्ड्स को संरचित डिजिटल रिकॉर्ड में बदलने की प्रक्रिया को सरल बनाना है, जबकि उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी पर उनका नियंत्रण पूरी तरह बना रहेगा।

उपयोगकर्ताओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

हालाँकि नया प्लेटफ़ॉर्म कई सुविधाएँ प्रदान करता है, फिर भी उपयोगकर्ताओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • स्वास्थ्य रिकॉर्ड साझा करने से पहले अपनी सहमति (Consent) संबंधी सेटिंग्स की समीक्षा करें।
  • अपने ABHA खाते की जानकारी समय-समय पर अपडेट रखें।
  • केवल आधिकारिक संस्करण (Official App) का ही उपयोग करें।
  • किसी भी संस्था को स्वास्थ्य डेटा साझा करने की अनुमति देने से पहले जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड अत्यंत संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी होते हैं। इसलिए सुरक्षित उपयोग और सोच-समझकर दी गई सहमति इस पूरी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हेल्थ इंश्योरेंस की योजना बनाना भी होगा आसान

जैसे-जैसे डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ रहा है, लोगों के लिए भविष्य के चिकित्सा खर्चों और स्वास्थ्य बीमा की बेहतर योजना बनाना भी आसान हो सकता है। ऐसे में Health Insurance Premium Calculator की सहायता से उम्र, परिवार के आकार और आवश्यक कवरेज के आधार पर संभावित प्रीमियम का अनुमान लगाया जा सकता है।

निष्कर्ष

आरोग्य सेतु 2.0 हाल के वर्षों में किसी सरकारी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म में हुए सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जा सकता है। कोविड-19 संपर्क अनुरेखण ऐप से विकसित होकर अब यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत एक आधुनिक पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य अनुभव प्रदान करना है।

यदि देशभर के अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इस प्लेटफ़ॉर्म को व्यापक रूप से अपनाते हैं, तो इससे कागज़ी कार्यवाही कम होगी, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बेहतर बनेगी और मेडिकल रिकॉर्ड का प्रबंधन पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले परिवारों को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है। हालांकि, इसकी दीर्घकालिक सफलता उपयोगकर्ताओं की भागीदारी, स्वास्थ्य संस्थानों के व्यापक एकीकरण तथा गोपनीयता और डेटा सुरक्षा से जुड़े मजबूत प्रावधानों पर निर्भर करेगी।

For More Information -

Aarogya Setu 2.0 launched as personal health record app

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Fact-Checked & Verified
लेखक
हर्षित शर्मा

हर्षित शर्मा

सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (SRA)

सटीक और तथ्य-जांच वाले राष्ट्रीय और वैश्विक अपडेट प्रदान करने वाले समाचार शोधकर्ता।

harshitsharma.sra@labhgrow.in
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लक्ष्य भारद्वाज

लक्ष्य भारद्वाज

कंटेंट हेड (HOC)

भारतीय सरकारी योजनाओं और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वित्तीय विश्लेषक।

lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in

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