UP Tablet Yojana 2026: DigiShakti Portal पर रजिस्ट्रेशन की पूरी Step-by-Step जानकारी
अवलोकन (Overview)
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश भर में 2 करोड़ युवाओं को मुफ्त टैबलेट प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे उन लाखों छात्रों के लिए 'यूपी टैबलेट योजना पात्रता' पर फिर से ध्यान केंद्रित हो गया है, जो अभी भी अपने उपकरणों का इंतजार कर रहे हैं। यह घोषणा राज्य की 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना' को आगे बढ़ाती है, जिसके तहत अब तक 50 लाख से अधिक टैबलेट और स्मार्टफोन पात्र युवाओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।
स्नातक, स्नातकोत्तर, तकनीकी पाठ्यक्रमों और कौशल विकास कार्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए यह अपडेट बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार ने 25 लाख अतिरिक्त टैबलेट की खरीद को भी मंजूरी दी है, जो इस योजना को उसके दीर्घकालिक लक्ष्य के करीब ले जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या घोषणा की?
एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बोलते हुए, सीएम योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना' के तहत उत्तर प्रदेश में अंततः 2 करोड़ युवाओं को लाभ मिलेगा। यह योजना, जिसे राज्य सरकार 2023 से चरणों में चला रही है, का उद्देश्य छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल प्रशिक्षण के लिए डिजिटल उपकरणों तक मुफ्त पहुंच प्रदान करना है।
साझा की गई जानकारी के अनुसार, स्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों को वर्तमान दौर में प्राथमिकता समूह के रूप में उल्लेखित किया गया है। यह योजना के पिछले चरणों के अनुरूप ही है, जहां स्वीकृत पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्रों को अन्य वर्षों और संकायों के विस्तार से पहले लाभ दिया गया था।
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने अलग से 25 लाख नए टैबलेट खरीदने की मंजूरी दी है, जिसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हजारों करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इन उपकरणों के लिए खरीद आदेश राज्य की निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित कंपनियों को जारी किए जा रहे हैं। चूंकि अभी खरीद प्रक्रिया जारी है, इसलिए इस नए बैच के वितरण की तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है।
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना: संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना |
| शुरुआत | 2023, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा |
| दीर्घकालिक लक्ष्य | पूरे यूपी में 2 करोड़ युवा |
| अब तक वितरित उपकरण | रिपोर्ट के अनुसार 50 लाख से अधिक |
| नया स्वीकृत बैच | 25 लाख अतिरिक्त टैबलेट |
| योजना की अवधि | 5 वर्ष |
| स्टेटस चेक पोर्टल | डिजी शक्ति पोर्टल |
यूपी टैबलेट योजना के लिए पात्रता क्या है?
यूपी टैबलेट योजना की पात्रता का निर्धारण अंकों या पारिवारिक आय के आधार पर नहीं, बल्कि छात्र के पाठ्यक्रम और उनके संस्थान के रिकॉर्ड द्वारा किया जाता है। राज्य सरकार के निर्धारित मानदंडों के अनुसार, यदि छात्र निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते हैं, तो वे पात्र माने जाते हैं:
- वे उत्तर प्रदेश के निवासी हों और राज्य के भीतर किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययनरत हों।
- वे स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, आईटीआई, या किसी स्वीकृत कौशल विकास पाठ्यक्रम में नामांकित हों।
- वे अपने पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में हों, क्योंकि प्रत्येक वितरण दौर में अंतिम वर्ष के छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है।
- उनके संस्थान ने डिजी शक्ति पोर्टल पर सत्यापित नामांकन डेटा अपलोड किया हो।
- उनके पास ओटीपी-आधारित ई-केवाईसी के लिए सक्रिय मोबाइल नंबर से जुड़ा आधार कार्ड हो।
अन्य राज्यों के छात्र जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में नामांकित हैं, वे भी इस योजना के दायरे में आते हैं, बशर्ते उनका कॉलेज सत्यापन के लिए उनका विवरण जमा करे।
महत्वपूर्ण: इस योजना के लिए कोई अलग आवेदन फॉर्म नहीं है। छात्रों को किसी सरकारी कार्यालय में जाने या स्वयं दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है। पात्रता का निर्धारण उन डेटा के माध्यम से किया जाता है जो कॉलेज और विश्वविद्यालय सीधे डिजी शक्ति पोर्टल पर जमा करते हैं, जिसके बाद आधार-आधारित ई-केवाईसी सत्यापन होता है।
स्टेप-बाय-स्टेप: टैबलेट पात्रता की जांच कैसे करें
1. आधिकारिक डिजी शक्ति पोर्टल digishakti.up.gov.in पर जाएं।
2. ई-केवाईसी या स्टेटस-चेक विकल्प देखें, जो आमतौर पर 'मेरी पहचान' पोर्टल के माध्यम से पूरा किया जाता है।
3. अपने विश्वविद्यालय का चयन करें, फिर सूची से अपने संबंधित कॉलेज को चुनें।
4. संस्थान द्वारा दर्ज किए गए अपने नामांकन संख्या (Enrollment Number) और व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें।
5. अपना वर्तमान रिकॉर्ड देखने के लिए खोजें (Search) या सबमिट बटन पर क्लिक करें।
6. अपना स्टेटस चेक करें, जो आमतौर पर 'पेंडिंग', 'वेरिफाइड', 'फेल्ड' या 'अंडर प्रोसेस' के रूप में दिखेगा।
7. यदि आपका आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो अगले सत्यापन चक्र से पहले बेमेल जानकारी को ठीक करने के लिए अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से संपर्क करें।
यदि आपका स्टेटस 'फेल्ड' (Failed) दिखाता है, तो इसका मतलब है कि आपके संस्थान द्वारा जमा किए गए विवरण और आधार रिकॉर्ड में बेमेल है, जिसे छात्र द्वारा सीधे नहीं बल्कि कॉलेज स्तर पर ठीक किया जाना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
हालांकि छात्र पोर्टल पर कुछ भी स्वयं अपलोड नहीं करते हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया कॉलेजों द्वारा सटीक रिकॉर्ड रखने पर निर्भर करती है। निम्नलिखित को तैयार रखना और अपने संस्थान के साथ पुष्टि करना उचित है:
- आधार कार्ड, जो एक सक्रिय मोबाइल नंबर से जुड़ा हो।
- कॉलेज नामांकन संख्या (Enrollment Number) और पाठ्यक्रम का विवरण।
- अपने संस्थान के साथ वर्तमान वर्ष और सेमेस्टर स्थिति की पुष्टि।
- किसी भी विसंगति के मामले में, कॉलेज के पास पहले से मौजूद बैंक या पहचान संबंधी विवरण।
यूपी के छात्रों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
लाखों छात्रों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए, इस योजना के तहत मुफ्त टैबलेट ऑनलाइन कक्षाओं, डिजिटल अध्ययन सामग्री और सरकारी ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच को सीधे समर्थन दे सकता है। प्लेसमेंट, प्रतियोगी परीक्षाओं या उच्च अध्ययन की तैयारी कर रहे अंतिम वर्ष के छात्रों को वर्तमान प्रयासों से सबसे अधिक लाभ होने की संभावना है, क्योंकि उन्हें प्राथमिकता समूह के रूप में नामित किया गया है।
इस योजना का एक व्यापक डिजिटल-समावेशन लक्ष्य भी है। एक डिवाइस रखने की लागत बाधा को कम करके, राज्य सरकार उन छात्रों के बीच की खाई को पाटने का लक्ष्य रख रही है जिनके पास पहले से ही स्मार्टफोन या टैबलेट की सुविधा है और जिनके पास नहीं है।
छात्रों और अभिभावकों को केवल आधिकारिक 'डिजी शक्ति पोर्टल' और अपने कॉलेज प्रशासन पर ही भरोसा करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अतीत में योजना से संबंधित अनौपचारिक लिंक, संदेश या असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित हुए हैं। LabhGrow का 'गवर्नमेंट स्कीम एलिजिबिलिटी चेकर' भी आपको यह जल्दी से देखने में मदद कर सकता है कि क्या आप इस तरह की राज्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्रता के व्यापक पैटर्न में फिट बैठते हैं।
मुख्य बिंदु
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य की टैबलेट योजना के तहत 2 करोड़ युवाओं को कवर करने का लक्ष्य फिर से तय किया है।
- रिपोर्ट के अनुसार अब तक 50 लाख से अधिक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं, और 25 लाख और खरीदने की मंजूरी दी गई है।
- स्वीकृत पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्र प्रत्येक दौर में प्राथमिकता प्राप्त करना जारी रखेंगे।
- कोई अलग आवेदन फॉर्म नहीं है; पात्रता संस्थागत डेटा और आधार ई-केवाईसी के माध्यम से चलती है।
- छात्रों को अपना स्टेटस केवल आधिकारिक डिजी शक्ति पोर्टल पर ही चेक करना चाहिए।
निष्कर्ष:
2 करोड़ का नया लक्ष्य यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की टैबलेट योजना का विस्तार जारी रहेगा, भले ही हाल ही में स्वीकृत 25 लाख उपकरणों का वितरण अभी प्रक्रियाधीन है। अभी के लिए, छात्रों के लिए सबसे उपयोगी कदम यह सुनिश्चित करना है कि उनके संस्थान ने सटीक नामांकन डेटा जमा किया है और अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट रखें, क्योंकि यही व्यक्तिगत स्तर पर 'यूपी टैबलेट योजना पात्रता' का निर्धारण करता है। छात्रों को अपने उपकरण की स्थिति पर नवीनतम अपडेट के लिए सीधे डिजी शक्ति पोर्टल को देखते रहना चाहिए।
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कंटेंट हेड एवं मुख्य लेखक
भारतीय सरकारी योजनाओं, बाजार भाव और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वरिष्ठ वित्तीय एवं समाचार लेखक।
lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in
सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (तथ्य परीक्षक)
सरकारी और वित्तीय डेटा स्रोतों से 100% प्रामाणिकता और तथ्यों की पुष्टि करने वाले समर्पित शोधकर्ता व विश्लेषक।
harshitsharma.sra@labhgrow.in