यूपी सोलर पंप योजना: 90% तक सब्सिडी, बुकिंग शुरू
अवलोकन (Overview)
अब उत्तर प्रदेश के किसान PM-KUSUM योजना के तहत सोलर पंप पर 60% से 90% तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों और टोकन बुकिंग की पूरी प्रक्रिया के बारे में यहाँ जानें।

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सिंचाई लागत में बड़ी कटौती होने वाली है। राज्य के कृषि विभाग ने PM-KUSUM योजना के तहत सोलर पंप के लिए ऑनलाइन टोकन बुकिंग शुरू कर दी है, जहाँ पात्र किसानों को पंप की कुल लागत पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। डीजल के बढ़ते खर्च और बिजली की अनिश्चित आपूर्ति से जूझ रहे किसानों के लिए यह योजना एक बड़ा वरदान साबित हो रही है।
सोलर पंप सब्सिडी योजना क्या है?
PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसे मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इसके तहत किसानों को नया स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाने या पुराने इलेक्ट्रिक/डीजल पंप को सोलर में बदलने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। उत्तर प्रदेश में इसे कृषि विभाग और UPNEDA (उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी) द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को डीजल की कीमतों में उछाल और अनियमित बिजली आपूर्ति से मुक्ति दिलाकर सौर ऊर्जा से सिंचाई करने में सक्षम बनाना है।
उपलब्ध पंप क्षमताएँ
किसान अपने जल स्रोत की गहराई के आधार पर इन पंप क्षमताओं में से चुन सकते हैं:
- 2 HP सरफेस पंप – कम गहराई वाले जल स्रोतों के लिए, लगभग 22 फीट तक
- 2 HP सबमर्सिबल – लगभग 50 फीट तक की गहराई के लिए
- 3 HP सबमर्सिबल – लगभग 150 फीट तक की गहराई के लिए
- 5 HP सबमर्सिबल – लगभग 200 फीट तक की गहराई के लिए
- 7.5 HP और 10 HP सबमर्सिबल – गहरे जल स्रोतों के लिए, लगभग 300 फीट तक
किसानों को अपनी बोरिंग की गहराई और खेत के आकार के अनुसार पंप क्षमता का चुनाव करना चाहिए।
📌 मुख्य बातें (Quick Highlights)
- टोकन राशि: मात्र ₹5,000
- सामान्य वर्ग के किसान: कुल 60% तक सब्सिडी (केंद्र + राज्य मिलाकर)
- अनुसूचित जनजाति, वनटांगिया और मुसहर किसान: 90% तक सब्सिडी
- बुकिंग का तरीका: पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर
- आवेदन पोर्टल: agriculture.up.gov.in
सब्सिडी का गणित कैसे काम करता है?
सब्सिडी की राशि किसान की श्रेणी और पंप की क्षमता पर निर्भर करती है। PM-KUSUM के तहत, केंद्र सरकार एक निश्चित हिस्सा देती है और उत्तर प्रदेश सरकार ऊपर से अतिरिक्त सब्सिडी जोड़ती है। सामान्य श्रेणी के किसानों को कुल लागत पर लगभग 60% तक संयुक्त सब्सिडी मिलती है। अनुसूचित जनजाति, वनटांगिया और मुसहर श्रेणी के किसानों के लिए राज्य सरकार अतिरिक्त सब्सिडी देती है, जिससे कुल सहायता 90% तक हो जाती है, यानी उन्हें खुद केवल 10% खर्च करना पड़ता है। पंप क्षमता (HP) और मॉडल के आधार पर सटीक राशि बदल सकती है, इसलिए बुकिंग के समय पोर्टल पर जो अंतिम आंकड़ा दिखे, वही सटीक माना जाएगा।
पात्रता शर्तें
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी और पंजीकृत किसान होना चाहिए।
- किसान के पास वैध बोरिंग या सिंचाई के लिए जल स्रोत होना अनिवार्य है।
- सामान्यतः, प्रति किसान परिवार एक सोलर पंप सब्सिडी की अनुमति है।
- उसी भूमि पर पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सोलर पंप सब्सिडी नहीं ली गई होनी चाहिए।
ऑनलाइन टोकन बुकिंग की प्रक्रिया (Step-by-Step)
पोर्टल पर जाएं – उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in खोलें।
पंजीकरण करें – सोलर पंप बुकिंग लिंक पर क्लिक करें और अपने आधार नंबर व मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्टर करें।
विवरण भरें – अपने खेत का विवरण, बोरिंग की गहराई दर्ज करें और पंप क्षमता (2HP से 10HP) का चयन करें।
टोकन जेनरेट करें – विवरण सत्यापित होने के बाद, सिस्टम ₹5,000 की टोकन राशि के साथ टोकन जेनरेट करेगा।
भुगतान करें – टोकन जारी होने के बाद, आपको पंजीकृत मोबाइल पर SMS आएगा; उसके बाद ही निर्धारित समय के भीतर बैंक ड्राफ्ट या ऑनलाइन पेमेंट के जरिए राशि जमा करें।
पंप स्थापना – भुगतान की पुष्टि के बाद, संबंधित एजेंसी आपके खेत पर सोलर पंप लगा देगी।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि टोकन जारी होने से पहले फोन कॉल पर किसी को पैसे न दें, ऐसी फर्जी कॉल्स से सावधान रहें।
किसानों के लिए इसके मायने
डीजल पंपों पर निर्भर किसानों के लिए ईंधन का खर्च हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। सोलर पंप लगाने के बाद यह लागत लगभग शून्य हो जाती है क्योंकि पंप सौर ऊर्जा से चलता है। बुंदेलखंड जैसे सूखे प्रभावित क्षेत्रों और बिजली कटौती वाले इलाकों में, किसान अब निश्चित समय पर भरोसेमंद सिंचाई कर सकेंगे। इससे खेती की लागत कम होगी और समय पर सिंचाई के कारण फसल की पैदावार में सुधार की उम्मीद है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (खतौनी)
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक)
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि अतिरिक्त सब्सिडी श्रेणी में आवेदन कर रहे हों)
निष्कर्ष
UP सोलर पंप योजना 2026 किसानों के लिए सिंचाई लागत को कम करने और डीजल पर निर्भरता खत्म करने का एक बेहतरीन मौका है। चूंकि टोकन बुकिंग 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर है, इसलिए पात्र किसानों को agriculture.up.gov.in पर जल्द से जल्द पंजीकरण करना चाहिए। सही दस्तावेजों और सटीक जानकारी के साथ आवेदन करने से सब्सिडी की प्रक्रिया तेज और आसान हो जाती है।
अधिक जानकारी के लिए -
https://agriculture.up.gov.in/
> अस्वीकरण: LabhGrow पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। हम SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं हैं। कृपया कोई भी निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। LabhGrow इस जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी नुकसान या क्षति के लिए जिम्मेदार नहीं है।

कंटेंट हेड एवं मुख्य लेखक
भारतीय सरकारी योजनाओं, बाजार भाव और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वरिष्ठ वित्तीय एवं समाचार लेखक।
lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in
सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (तथ्य परीक्षक)
सरकारी और वित्तीय डेटा स्रोतों से 100% प्रामाणिकता और तथ्यों की पुष्टि करने वाले समर्पित शोधकर्ता व विश्लेषक।
harshitsharma.sra@labhgrow.in