यूपी में गर्भवती महिलाओं को NHM के तहत मिल रही मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, जानें पात्रता, जांच, टीकाकरण और जरूरी दस्तावेज

July 8, 2026

अवलोकन (Overview)

उत्तर प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत मुफ्त प्रसवपूर्व जांच, टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु देखभाल जैसी स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। जानें पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और जिलेवार उपलब्ध सुविधाएं।

Pregnant woman receiving a free antenatal health check-up at an Ayushman Arogya Mandir in Uttar Pradesh under the National Health Mission.
LabhGrow Logo

गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच मां और शिशु दोनों के लिए बेहद जरूरी होती है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कई आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

NHM केवल आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह भारत का प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का काम करता है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) दोनों शामिल हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

गर्भवती महिलाओं को कौन-कौन सी मुफ्त सेवाएं मिलती हैं?

NHM के अंतर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं को कई महत्वपूर्ण सेवाएं निःशुल्क प्रदान की जाती हैं, जैसे—

  • गर्भावस्था का मुफ्त पंजीकरण
  • नियमित प्रसवपूर्व (ANC) जांच
  • रक्तचाप और वजन की जांच
  • डॉक्टर की सलाह अनुसार रक्त एवं मूत्र जांच
  • आयरन एवं फोलिक एसिड (IFA) की गोलियां
  • टिटनेस सहित आवश्यक मातृ टीकाकरण
  • पोषण एवं स्तनपान संबंधी परामर्श
  • सुरक्षित संस्थागत प्रसव
  • प्रसव के बाद मां और नवजात की देखभाल

इन सेवाओं का उद्देश्य गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं की समय रहते पहचान करना तथा मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य में सुधार करना है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की बढ़ती भूमिका

आयुष्मान आरोग्य मंदिर अब देश की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। यहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा—

  • नियमित टीकाकरण
  • सामान्य बीमारियों की जांच
  • स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
  • आवश्यक दवाएं
  • बुनियादी जांच सुविधाएं

भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

उत्तर प्रदेश में ये केंद्र PHC, CHC और जिला अस्पतालों के साथ मिलकर लोगों के घर के पास बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं।

कौन उठा सकता है लाभ?

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज कराने वाली गर्भवती महिलाएं NHM के तहत उपलब्ध मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकती हैं।

इसके लिए अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया नहीं है। गर्भावस्था का पंजीकरण निम्न स्थानों पर कराया जा सकता है—

  • सरकारी अस्पताल
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
  • स्वास्थ्य उपकेंद्र
  • आयुष्मान आरोग्य मंदिर

गांवों में ASHA कार्यकर्ता और ANM भी गर्भावस्था पंजीकरण कराने तथा समय-समय पर जांच कराने में सहायता करती हैं।

आवश्यक दस्तावेज

जिले के अनुसार कुछ दस्तावेज अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः निम्न दस्तावेज मांगे जाते हैं—

दस्तावेजउद्देश्य
आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्रपहचान सत्यापन
निवास प्रमाण पत्रपता सत्यापन
गर्भावस्था पंजीकरण कार्ड (यदि जारी हो)मेडिकल रिकॉर्ड
मोबाइल नंबरसंपर्क एवं सूचना
बैंक खाता विवरण (यदि अन्य योजना से संबंधित हो)लाभ हस्तांतरण

अतिरिक्त जानकारी के लिए अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

समय पर गर्भावस्था जांच क्यों जरूरी है?

विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच कराने से कई गंभीर समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

इन जांचों से—

  • हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान होती है।
  • शिशु के विकास की निगरानी होती है।
  • एनीमिया और पोषण की कमी का पता चलता है।
  • गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर और डायबिटीज पर नियंत्रण रखा जाता है।
  • मां को पोषण और नवजात की देखभाल संबंधी सलाह दी जाती है।

समय पर पंजीकरण कराने से सभी जरूरी टीके और स्वास्थ्य जांच समय पर पूरी हो जाती हैं।

बच्चों के लिए मुफ्त टीकाकरण

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (Universal Immunization Programme) को भी मजबूत किया गया है।

जन्म के बाद बच्चों को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार मुफ्त टीके लगाए जाते हैं, जो कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। अभिभावकों को बच्चों का टीकाकरण कार्ड सुरक्षित रखना चाहिए और निर्धारित तिथियों पर टीके अवश्य लगवाने चाहिए।

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध हैं सेवाएं

NHM की सेवाएं उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध हैं। लाभार्थी अपने नजदीकी—

  • जिला अस्पताल
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)
  • स्वास्थ्य उपकेंद्र
  • आयुष्मान आरोग्य मंदिर

पर जाकर मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में ASHA कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं तक इन सेवाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

परिवारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी अस्पतालों में प्रसव और गर्भावस्था संबंधी इलाज काफी महंगा हो सकता है। ऐसे में NHM के माध्यम से उपलब्ध मुफ्त सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं आर्थिक बोझ कम करती हैं।

यह मिशन सुरक्षित प्रसव, मातृ मृत्यु दर में कमी, नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। मुफ्त गर्भावस्था पंजीकरण, नियमित जांच, सुरक्षित प्रसव, टीकाकरण और नवजात देखभाल जैसी सुविधाओं के माध्यम से यह मिशन लाखों परिवारों को लाभ पहुंचा रहा है। गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे गर्भावस्था की शुरुआत में ही पंजीकरण कराएं और नियमित रूप से अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या ASHA कार्यकर्ता के संपर्क में रहें।

Disclaimer: The information provided on Labhgrow.in is for educational purposes only. We are not affiliated with the Income Tax Department, NSDL (Protean), or UTIITSL. Delivery times and tracking processes are subject to government portal functionality. Please never share your PAN details or OTPs with unauthorized third-party websites.

Expert Verified
लेखक
लक्ष्य भारद्वाज

लक्ष्य भारद्वाज

कंटेंट हेड (HOC)

भारतीय सरकारी योजनाओं और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वित्तीय विश्लेषक।

lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न