उत्तर प्रदेश के डेयरी किसानों को 2026 में मिलेगा नंद बाबा मिशन का लाभ और सब्सिडी

July 6, 2026

अवलोकन (Overview)

यूपी का नंद बाबा दुग्ध मिशन डेयरी इकाइयों के लिए 11.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रहा है। पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, बैंक ऋण प्रक्रिया और आवेदन के चरणों की जानकारी यहाँ देखें।

Dairy farmers with indigenous cows at a milk collection centre under Uttar Pradesh Nand Baba Milk Mission 2026
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उत्तर प्रदेश नन्द बाबा दुग्ध मिशन: किसानों के लिए डेयरी सब्सिडी और 2026 का अपडेट

नन्द बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख डेयरी विकास पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की डेयरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और दुग्ध उत्पादक किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है।

आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, उत्तर प्रदेश को अग्रणी दुग्ध उत्पादक राज्य बनाए रखने के लिए सरकार ने पांच वर्षों में ₹1,000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है। यह मिशन ग्राम-स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों के गठन को बढ़ावा देता है, स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण में मदद करता है और डेयरी किसानों को बेहतर बाजार तक पहुंच प्रदान करता है।

नन्द बाबा दुग्ध मिशन के उद्देश्य

यह कार्यक्रम कई पहलों के माध्यम से डेयरी फार्मिंग को बेहतर बनाने पर केंद्रित है, जिनमें शामिल हैं:

  • ग्राम-स्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों का विस्तार
  • दुग्ध उत्पादकों के लिए बेहतर बाजार पहुंच
  • स्वदेशी नस्लों को बढ़ावा (गिर, साहीवाल, हरियाणवी, थारपारकर, गंगातीरी)
  • डेयरी उत्पादकता में वृद्धि
  • ग्रामीण रोजगार और उद्यमिता के लिए समर्थन
  • पूरे उत्तर प्रदेश में डेयरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना

नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत सक्रिय योजनाएं (2026)

यह मिशन वर्तमान में कई स्तरीय उप-योजनाएं संचालित कर रहा है, जो अलग-अलग किसान प्रोफाइल को लक्षित करती हैं:

1. मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना (2-गाय इकाई)

  • सब्सिडी: ₹80,000 तक (परियोजना लागत का 40%)
  • सभी 75 जिलों में लागू
  • गाय पहली या दूसरी बार ब्याने वाली होनी चाहिए, जिन्हें दूसरे राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात) से खरीदा गया हो
  • खरीद के एक महीने के भीतर सब्सिडी के लिए आवेदन करना अनिवार्य है
  • ई-लॉटरी द्वारा चयन; 50% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित

2. मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना (10-गाय इकाई)

  • परियोजना लागत ₹23.60 लाख तय; सरकार 50% (₹11.80 लाख तक) कवर करती है
  • लाभार्थी को अपने संसाधनों से 15% निवेश करना होता है; बाकी 35% बैंक ऋण लिया जा सकता है
  • सब्सिडी भौतिक सत्यापन के बाद डीबीटी (DBT) के माध्यम से दो किस्तों में भुगतान की जाती है
  • पात्रता: स्थायी यूपी निवासी, पशुपालन का न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव, और इकाई व चारे की खेती के लिए कम से कम 0.20 एकड़ जमीन
  • कामधेनु योजना, मिनी/माइक्रो कामधेनु योजना, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना या स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के पुराने लाभार्थी पात्र नहीं हैं
  • 50% लाभार्थी स्लॉट महिलाओं के लिए आरक्षित हैं
  • आवेदन विंडो: ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल पर 21 जुलाई, 2026 तक आमंत्रित किए गए थे

3. नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना (25-गाय इकाई - फ्लैगशिप योजना)

  • सब्सिडी: ₹31.25 लाख तक
  • 18 मंडलीय मुख्यालय जिलों में लागू
  • पशुपालन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव अनिवार्य

आवेदन कैसे करें

1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: nandbabadugdhmission.up.gov.in

2. आवश्यक विवरण के साथ पंजीकरण करें

3. प्रासंगिक योजना का चयन करें

4. आवेदन पत्र भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें

5. आवेदन जमा करें और पावती संख्या (Acknowledgement Number) संभाल कर रखें

6. जिला-स्तरीय जांच की प्रतीक्षा करें। लक्ष्य से अधिक आवेदन होने पर ई-लॉटरी चयन किया जाएगा

7. भौतिक सत्यापन के बाद डीबीटी (DBT) के माध्यम से सब्सिडी जारी की जाती है

यदि आवेदन जिले के लक्ष्य से अधिक होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक खाता विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • जाति प्रमाण पत्र (जहाँ लागू हो)
  • भूमि/डेयरी इकाई संबंधी दस्तावेज
  • पशुधन संबंधी दस्तावेज (योजना के अनुसार)

महत्वपूर्ण अपडेट: आवेदन की समय-सीमा

24 जुलाई, 2026 तक की जानकारी के अनुसार, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए निर्धारित आवेदन की अंतिम तिथि (21 जुलाई, 2026) समाप्त हो चुकी है। इच्छुक किसानों को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:

  • समय-सीमा विस्तार के लिए आधिकारिक पोर्टल की जांच करें
  • ऑफ़लाइन आवेदन विकल्पों के लिए अपने जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें, क्योंकि कई जिलों में ऑनलाइन विंडो के साथ-साथ ऑफ़लाइन आवेदन भी स्वीकार किए गए हैं।

यह मिशन क्यों महत्वपूर्ण है?

ग्रामीण परिवारों के लिए डेयरी खेती कृषि के साथ-साथ आय का एक स्थिर स्रोत प्रदान करती है। छोटे स्तर की 2-गाय योजना से लेकर 25-गाय की फ्लैगशिप यूनिट तक, विभिन्न सब्सिडी देकर यह मिशन छोटे किसानों और प्रगतिशील डेयरी उद्यमियों, दोनों को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है। साथ ही, यह उच्च उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और राज्यभर में दूध संग्रह नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करता है।

आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

प्रत्येक योजना की पात्रता शर्तें, सब्सिडी का स्वरूप, पशुओं की आवश्यकताएं, आवेदन की समय-सारिणी और जिले-वार लक्ष्य अलग-अलग होते हैं, जो हर वित्तीय वर्ष में बदल सकते हैं। आवेदकों को आवेदन करने से पहले मिशन पोर्टल पर नवीनतम आधिकारिक अधिसूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए -

नन्द बाबा दुग्ध मिशन

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Expert Verified
लेखक
लक्ष्य भारद्वाज

लक्ष्य भारद्वाज

कंटेंट हेड (HOC)

भारतीय सरकारी योजनाओं और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वित्तीय विश्लेषक।

lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न