यूपी बाल श्रमिक विद्या योजना का सभी 75 जिलों में विस्तार: 2026 की नई घोषणा से किन बच्चों को मिलेगा लाभ?

July 1, 2026

अवलोकन (Overview)

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल श्रमिक विद्या योजना का विस्तार राज्य के सभी 75 जिलों में करने का निर्देश दिया है। जानें 2026 का नया अपडेट, पात्रता, मासिक आर्थिक सहायता, प्रोत्साहन राशि, आवश्यक दस्तावेज और इस योजना का लाभ किसे मिलेगा।

Schoolchildren in Uttar Pradesh benefiting from the Bal Shramik Vidya Yojana education support scheme
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उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी बाल श्रमिक विद्या योजना

बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और बाल श्रम को कम करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बाल श्रमिक विद्या योजना का विस्तार राज्य के सभी 75 जिलों में करने का निर्देश दिया है।

यह योजना पहले सीमित जिलों में संचालित की जा रही थी, लेकिन अब इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

इस विस्तार के बाद अधिक संख्या में पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जिससे वे बाल श्रम छोड़कर नियमित रूप से स्कूल जा सकेंगे।

क्या है बाल श्रमिक विद्या योजना?

उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में बाल श्रमिक विद्या योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य बाल श्रमिकों तथा बाल श्रम के जोखिम वाले बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उनके पुनर्वास में सहायता करना है।

यह योजना विशेष रूप से 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों के लिए बनाई गई है जो—

  • बाल श्रम में लगे हुए हैं,
  • स्कूल छोड़ चुके हैं,
  • या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, जहाँ उनके बाल श्रम में जाने का खतरा अधिक है।

योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

योजना के पात्र बच्चों को हर महीने सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

श्रेणीमासिक सहायता
लड़के₹1,000 प्रति माह
लड़कियाँ₹1,200 प्रति माह

इसके अलावा, यदि विद्यार्थी कक्षा 8, 9 और 10 सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करता है, तो उसे प्रत्येक स्तर पर ₹6,000 की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है, जिससे बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया जा सके।

2026 में क्या बदला?

अब तक यह योजना कुछ चुनिंदा जिलों तक सीमित थी। वर्ष 2026 में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश के बाद इसका विस्तार उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में किया जा रहा है।

सरकार ने अधिकारियों को निम्न कार्यों के निर्देश दिए हैं—

  • बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाना।
  • स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करना।
  • पात्र बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराना।
  • पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करना।
  • निजी संस्थाओं के सहयोग से कौशल विकास योजनाएँ तैयार करना।

हालाँकि योजना का राज्यव्यापी विस्तार घोषित कर दिया गया है, लेकिन प्रत्येक जिले में इसका क्रियान्वयन स्थानीय प्रशासन की तैयारियों के अनुसार अलग-अलग समय पर हो सकता है।

किन बच्चों को मिलेगा लाभ?

अंतिम पात्रता जिला श्रम विभाग द्वारा सत्यापन के बाद तय की जाती है। सामान्यतः निम्न बच्चे योजना के लिए पात्र हो सकते हैं—

  • 8 से 18 वर्ष आयु के बच्चे।
  • बाल श्रम में कार्यरत बच्चे।
  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे जिन्हें बाल श्रम का जोखिम है।
  • सरकारी सर्वेक्षण में चिन्हित स्कूल छोड़ चुके बच्चे।
  • ऐसे परिवारों के बच्चे जिनकी आय का स्थायी स्रोत नहीं है।

आवश्यक दस्तावेज

पात्रता सत्यापन के दौरान निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं—

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाण पत्र या आयु प्रमाण
  • स्कूल प्रवेश या नामांकन प्रमाण पत्र
  • बैंक खाते का विवरण
  • पासपोर्ट आकार का फोटो
  • जिला श्रम विभाग द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज

जिले के अनुसार दस्तावेजों की सूची में थोड़ा अंतर हो सकता है।

चयन प्रक्रिया कैसे होती है?

इस योजना में सामान्य ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया नहीं होती। लाभार्थियों की पहचान मुख्य रूप से सरकारी सर्वेक्षण के माध्यम से की जाती है।

चयन प्रक्रिया में आमतौर पर निम्न चरण शामिल होते हैं—

श्रम विभाग द्वारा सर्वेक्षण।

बाल श्रमिक एवं जोखिम वाले बच्चों की पहचान।

पात्रता का सत्यापन।

विद्यालय में नामांकन।

आर्थिक सहायता की स्वीकृति।

सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र बच्चों के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सहायता राशि भेजी जाती है।

जिला-वार विस्तार की वर्तमान स्थिति

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सभी जिलों को योजना लागू करने के लिए कहा गया है।

विवरणवर्तमान स्थिति
राज्यव्यापी विस्तारघोषित
कुल जिले75
क्रियान्वयनजिला प्रशासन द्वारा चरणबद्ध
लाभार्थियों की पहचानश्रम विभाग द्वारा जारी

परिवार अपने जिले के जिला श्रम कार्यालय से संपर्क कर स्थानीय स्तर पर योजना की प्रगति और पात्रता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

यह विस्तार क्यों महत्वपूर्ण है?

बाल श्रम बच्चों की शिक्षा और भविष्य दोनों को प्रभावित करता है। इस योजना का राज्यभर में विस्तार होने से—

  • अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा।
  • बाल श्रम को कम करने में मदद मिलेगी।
  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता मिलेगी।
  • लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
  • बच्चों के दीर्घकालिक शैक्षणिक और सामाजिक विकास में सहायता मिलेगी।

यह पहल बच्चों के पुनर्वास और कौशल विकास को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

निष्कर्ष

यूपी बाल श्रमिक विद्या योजना का सभी 75 जिलों में विस्तार राज्य के उन बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है जो बाल श्रम से प्रभावित हैं या इसके जोखिम में हैं। सरकार ने पूरे प्रदेश में योजना लागू करने का निर्देश दिया है, लेकिन इसका क्रियान्वयन जिला स्तर पर चरणबद्ध तरीके से होगा। जिन परिवारों को लगता है कि उनके बच्चे इस योजना के पात्र हो सकते हैं, उन्हें अपने संबंधित जिला श्रम कार्यालय से संपर्क कर नवीनतम जानकारी और सत्यापन प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।

For More Information -

CM directs rollout of Bal Shramik Vidya Yojana in all 75 dists of UP | Lucknow News - The Times of India

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लेखक
लक्ष्य भारद्वाज

लक्ष्य भारद्वाज

कंटेंट हेड (HOC)

भारतीय सरकारी योजनाओं और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वित्तीय विश्लेषक।

lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in

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