पीएम-किसान योजना 2031 तक बढ़ाई गई, 3.15 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी मिली

August 18, 2026

अवलोकन (Overview)

केंद्र सरकार ने PM-KISAN योजना को 3.15 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 2030-31 तक बढ़ा दिया है। जानें किस्त का विवरण, e-KYC के नियम और लाभार्थी स्थिति (beneficiary status) की जांच कैसे करें।

Farmer standing in a green field with a tractor in the background, PM Kisan scheme extended till 2031
LabhGrow Logo

देशभर के करोड़ों किसान परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों के लिए और बढ़ा दिया है, यानी अब यह योजना 2026-27 से लेकर 2030-31 तक जारी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी और इस अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये (सटीक तौर पर 3,15,614 करोड़ रुपये) का वित्तीय बजट आवंटित किया गया है।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि यह विस्तार सरकार के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें किसानों की आय बढ़ाना और उन तक समय पर वित्तीय सहायता पहुँचाना प्राथमिकता है।

योजना का ढांचा पहले जैसा ही रहेगा

अच्छी खबर यह है कि PM-KISAN योजना के मुख्य ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पात्र किसान परिवारों को पहले की तरह ही हर साल 6,000 रुपये मिलते रहेंगे। यह राशि हर चार महीने में 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है।

फरवरी 2019 में शुरू की गई PM-KISAN, दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजनाओं में से एक मानी जाती है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 23 किस्तों के जरिए किसानों को 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बांटी जा चुकी है। हाल ही में, 20 जून 2026 को जारी की गई 23वीं किस्त से 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों को 18,880 करोड़ रुपये का लाभ मिला है।

सरकार ने यह भी बताया है कि इस योजना के तहत महिला किसानों को 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है, और लगभग हर चार में से एक लाभार्थी महिला है।

किसानों की आय और निवेश पर असर

नीति आयोग के DMEO के मूल्यांकन का हवाला देते हुए सरकार का कहना है कि 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने इस धन का उपयोग कृषि कार्यों और खेती से संबंधित निवेश में किया है। लगभग 85 प्रतिशत किसानों ने अपनी कृषि आय में सुधार और साहूकारों पर निर्भरता कम होने की बात कही है। इस मदद से किसान समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई और कृषि उपकरणों में निवेश कर पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

24वीं किस्त कब आएगी?

योजना के तहत किस्तें आमतौर पर तीन चार-महीने के चक्र में जारी की जाती हैं: अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च। चूंकि 23वीं किस्त जून 2026 में जारी की गई थी, इसलिए 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 के आसपास आने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किस्त जारी होने के समय pmkisan.gov.in पर ही जानकारी देखें।

अगली किस्त से पहले ये 3 काम जरूर निपटाएं

अगली पेमेंट में कोई देरी न हो, इसके लिए किसानों को ये तीन महत्वपूर्ण काम समय रहते पूरे कर लेने चाहिए:

  • e-KYC पूरा करें: e-KYC अनिवार्य है। इसे PM-KISAN पोर्टल या मोबाइल ऐप पर OTP के जरिए, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए, या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पूरा किया जा सकता है।
  • आधार-बैंक अकाउंट लिंकिंग चेक करें: पेमेंट केवल आधार-सीडेड बैंक खातों में ही भेजे जाते हैं, इसलिए बैंक खाता आधार से सही तरीके से लिंक होना जरूरी है।
  • लैंड सीडिंग (भूमि सत्यापन) पूरा करें: जमीन के रिकॉर्ड का संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विभाग द्वारा सत्यापन होना जरूरी है।

संदेह वाले मामलों में - जैसे कि वे किसान जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदी है या एक ही परिवार के कई सदस्य रजिस्टर्ड हैं - फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा होने तक भुगतान अस्थाई रूप से रोका जा सकता है।

अपना लाभार्थी स्टेटस (Beneficiary Status) कैसे चेक करें

किसान इन चरणों का पालन करके अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. आधिकारिक वेबसाइट, pmkisan.gov.in पर जाएं।

2. होमपेज पर 'Farmers Corner' सेक्शन में जाएं और 'Beneficiary Status' या 'Know Your Status' पर क्लिक करें।

3. अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या आधार नंबर दर्ज करें।

4. गांव-वार लाभार्थी सूची देखने के लिए, अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव चुनें।

24वीं किस्त के लिए लाभार्थी सूची अभी जारी नहीं की गई है और यह भुगतान होने के कुछ दिन पहले पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।

कौन इस योजना के लिए पात्र नहीं है

PM-KISAN का लाभ केवल पात्र किसान परिवारों के लिए है। आयकर देने वाले, अधिकांश सरकारी कर्मचारी (सेवारत और सेवानिवृत्त), और उच्च आय वर्ग के लोग इस योजना से बाहर हैं। अपात्र लोगों की पूरी सूची आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है, जहाँ किसान अपनी पात्रता खुद जांच सकते हैं।

निष्कर्ष

3.15 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ PM-KISAN को 2030-31 तक बढ़ाना यह दर्शाता है कि सरकार भविष्य में भी किसानों की आय को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि 24वीं किस्त की तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन किसानों के पास अभी भी समय है कि वे अपना e-KYC, आधार-लिंकिंग और जमीन के रिकॉर्ड दुरुस्त कर लें। जो किसान ये तीन काम अभी पूरे कर लेंगे, उन्हें अगली किस्त मिलने में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अधिक जानकारी के लिए -

https://kisanportal.org/pm-kisan-extension-2026-2031-new-rules/

> अस्वीकरण: LabhGrow पर दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। हम SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं हैं। कृपया किसी भी निवेश या वित्तीय निर्णय से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। LabhGrow इस जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी नुकसान या क्षति के लिए जिम्मेदार नहीं है।

E-E-A-T Verified
लेखक (Written By)
लक्ष्य भारद्वाज

लक्ष्य भारद्वाज

कंटेंट हेड एवं मुख्य लेखक

भारतीय सरकारी योजनाओं, बाजार भाव और बैंकिंग नीतियों के विशेषज्ञ वरिष्ठ वित्तीय एवं समाचार लेखक।

lakshyabhardwaj.hoc@labhgrow.in
शोध एवं तथ्य सत्यापन (Verified By)
हर्षित शर्मा

हर्षित शर्मा

सीनियर रिसर्च एनालिस्ट (तथ्य परीक्षक)

सरकारी और वित्तीय डेटा स्रोतों से 100% प्रामाणिकता और तथ्यों की पुष्टि करने वाले समर्पित शोधकर्ता व विश्लेषक।

harshitsharma.sra@labhgrow.in

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न